रहने दो अब
नहीं करनी बहस
घर देखा
गाँव देखा
शहर देखा
प्रदेश देखा
देश देखा
दुनिया देखी
नहीं कुछ बदलने वाला
कहता हूँ उससे
बना ले एक नया ग्रुप
लहू का
ए, बी, ओ के संग पी.
पी यानी पॉलिटिक्स |
नहीं करनी बहस
घर देखा
गाँव देखा
शहर देखा
प्रदेश देखा
देश देखा
दुनिया देखी
नहीं कुछ बदलने वाला
कहता हूँ उससे
बना ले एक नया ग्रुप
लहू का
ए, बी, ओ के संग पी.
पी यानी पॉलिटिक्स |
@ २०१७ विजय मधुर
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